राजनीती पहाड़ की चढ़ाई और बर्फ की फिसलन होती है -----------------------राजनीती
पहाड़ की चढ़ाई है जिसपर धीरे धीरे पैर जमा कर और झुक कर ही चढ़ा जा सकता है
तन कर कभी नहीं | वहा टिकने के लिए पैरो को जमा कर खड़े होने के साथ शांत
भाव से सांस भी लेना होता है |
पर राजनीती बर्फ की फिसलन है जिस पर फिसलने पर केवल खायी ही नसीब होती है | फिसलने पर जो या जिसे पकड़ने की कोशिश होती है वो भी खाई में साथ जाता है | बड़े नसीब वाले होते है की चोटिल होकर किसी पत्थर या पेड़ से टकरा कर वही रुक जाये और फिर दुबारा ऊपर जाने का मौका मिला जाये |
पर राजनीती बर्फ की फिसलन है जिस पर फिसलने पर केवल खायी ही नसीब होती है | फिसलने पर जो या जिसे पकड़ने की कोशिश होती है वो भी खाई में साथ जाता है | बड़े नसीब वाले होते है की चोटिल होकर किसी पत्थर या पेड़ से टकरा कर वही रुक जाये और फिर दुबारा ऊपर जाने का मौका मिला जाये |
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