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गुरुवार, 27 नवंबर 2014

अगर बहुत से लोगो के अनुभव से बर्बाद और बदनाम होने से बच सकते हो तो क्या बुराई है कि उस रास्ते पर कदम जाते ही रोक लो ।
बचपन में जब तक संस्कृत पढना मजबूरी थी इतना भारी और बोर लगता था की मास्टर साहब 33 नंबर देकर बस पास कर देते थे और जब क्लास 9 में जाने पर उससे पीछा छूटा तो लगा कैद से मुक्त हो गए ।
आज तक नहीं समझ पाया इतना पढने के बाद की क्या सिखाया संस्कृत ने ।और इतना ज्ञान का भंडार है तो कोई किसी भी क्लास में पढना क्यों नहीं चाहता ।
कही धीरेन्द्र ब्रह्मचारी की तरह अपने लोगो को इसी बहाने स्कूल और कालेजो में भरने की साजिश तो नहीं जैसे उन्होंने अपने सारे शिष्य योग टीचर बनवा दिए ।
अब ये तो सभी जानते है की क्या किया इतने वर्षो में योग और उसके टीचर ने ।

वैसे तो संघी दो मोर्चे पर काम करते है - 1- अपनी अयोग्यता ,अदूरदर्शिता ,असफलता से ध्यान हटाते है विवाद छेड़ कर और -2- अपने लोगो को मीडिया ,शिक्षा से लेकर हर क्षेत्र में भर देते है भविष्य में फासीवाद लाने के हथियार के रूप में ।
मैं तो समझ रहा था की अभी चुनाव के भाषण और इवेंट ही चल रहे है और जैसे फौजियों और बाहर रहने वालो के डाक से आने वाले वोट के लिए भी लोग संपर्क करते है उसी तरह विदेश में रहने वाले भारतीय वोटरों से भी सभाओ के माध्यम से संपर्क चल रहा है ।
पर आज कई लोगो की पोस्ट पढ़ा की केंद्र सरकार का रिपोर्ट कार्ड क्या है तो झटका लगा की कोई सरकार है क्या दिल्ली में ?
चलिए अब मैं भी 6 महीने का आकलन करता हूँ दूरबीन लगा कर ।
पर नम्बर एक से आखिरी नम्बर तक मौजूद प्रधान मंत्री और सभी विभागों के मंत्री जी आप तो अपनी सभाए जारी रखो ।जब थोडा आराम करना हो तो भारत के आरामगाह में भी आ जाया करो ।
दुनिया में किसी बच्चे ने पैदा होने के बाद संस्कृत में माँ बोल है क्या ?
जो जहा पैदा होता है मुह से वहां की भाषा के शब्द बिना सिखाये निकल जाते है ।
निरक्षर लोगो को भी मानस रामायण कंठस्थ है क्योकि वो सरल बोली वाली भाषा में है ।
बाकी भाषाये व्यक्ति अपनी इच्छा और ज्ञान तथा रोजी रोटी से जोड़ कर सीखता है ।
महामानव लोग नयी क्रांति करेंगे की बच्चा पैदा होते ही संस्कृत बोलेगा और उसी से रोटी कमाएगा ।
रोजगार और रोटी पर रोक लगाने वाले ,गरीब से छीन कर पूंजीपतियों की तिजोरी भरने वाले अब देश से दुनिया तक अपने बूते पर मिलने वाले रोजगार पर भी ग्रहण लगाना चाहते है ।
भारत के लोगो को दुनिया में रोजगार इसलिए मिला की वो टूटी फूटी अंग्रेजी जानते थे और चीन ,रूस जर्मनी के लोगो को इसीलिए नहीं की वो नहीं जानते थे ।
ये ईसा पूर्व की मानसिकता पता नहीं देश को कहा ले जाएगी क्योकि ऐसी मानसिकता वालो का जहा भी शासन आया उन देशो और वहां के लोगो की दुर्दशा सभी ने देखा और देख रहे है ।
ईश्वर मेरे भारत को नकली रामभक्तो से बचाए जिनका राम आदर्शो और मर्यादा का वाहक नहीं बल्कि दंगो और नफरत का वाहक है ।
प्रतिदिन करोडो लोग किसी न किसी से मिलते है पर कुछ लोग अपनी मुलाकात का भी प्रचार करते है और पता नहीं इस प्रचार के लिए क्या क्या करते है ।
वर्ना किसी को क्या पता की किस गाडी में कौन किस घर या दफ्तर में घुसा ?
ये प्रचार की भूख बीमारी है या धंधे के लिए जरूरी है ?
पार्टी संगठन और कार्यकर्ता अपने नेता के नेतृत्व में जनता की तकलीफों और अकांक्षाओ के लिये संघर्ष करते है ।अधिकारी उस वक्त नेता का भी गिरेबान पकड़ लेते है और कर्यकरताओ तथा जनता पर गोली और लाठी चलाते है ।
चुनाव होता है और जनता उस संघर्ष का सम्मान करते हुए भारी मतों से पार्टी को भरी बहुमत से विजयी बनाती है और सरकार बन जाती है ।
और वही अधिकारी असली राजा बन जाते है इन्होने पिछले पांच साल पीटा और अपमानित किया था और कार्यकर्ता तथा जनता फिर दूर से मायूस सत्ता को निहारते है ।सत्ता को कैद कर लेती है फिर से नौकरशाही और तंत्र ।यही कहानी बार बार दोहराई जा रही है मेरे देश में ।फिर वही अधिकारी नचाने लगते है सत्ता को अपनी उंगलियों पर बहुत विनम्र भाव् से और खा जाते है सरकार तथा संगठन को क्रूरता से ।
कार्यकर्ता और समर्थक जनता उत्पीडित होते है और आवाज इस लिए नहीं उठा सकते की तथाकथित रूप से अपनी सरकार है और अगर ज्यादा हो जाने पर आवाज उठाने की हिमाकत कर दें तो फिर वही अधिकारी उसे पीटते है और मुकदमे लाद कर अपराधी बना देते है ।
मुहम्मद बिन तुगलक का इतिहास और कारनामे पढ़े है कुछ वैसे ही फैसले करने लगते है नौकरशाह और जनता की पूँजी और अधिकार को उसके जाने से रोकने और अपनी तिजोरियां भर देने में लगा देते है पूरी ताकत पूरी आपसी एकता और समझ के साथ ।लड़ाते रहते है राजनैतिक शक्ति को और एक दूसरे को जनता में खलनायक सिद्ध करने को सारे हथियार भी देते है और मदद भी करते है उनका ऐसा प्रचार करने हेतु ।ताकि सारी चर्चा में रहे राजनैतिक लोग और ये लूट ले सारे खजाने को ,ताकि को न देखे की कितनी कोठियां और कितनी बड़ी बड़ी बन गयी इनकी ।घर में झोपडी नहीं थी पर कितनी समपत्तियाँ बना लिया इन्होने और किस किस नाम के क्या क्या बना लिया इन्होने ।
राजनैतिक ताकते कब खुद राज करंना और नौकरशाहो को आदेशित करना सीख पाएंगी और कब इस स्थायी व्यवस्था को जवाबदेह बना पाएंगी और कब एक दूसरे को नीचा दिखाने के बजाय एक दूसरे का सम्मान करना तथा सहयोग से जनहित में करते हुए स्वस्थ और वास्तविक लोकतंत्र कायम करना सीख पाएंगी और कब इस तंत्र की कठपुतली बनना नहीं बल्कि इनको आदेशित कर और समयबद्ध तथा गुणवत्ता के मानक पर खरा काम करवाना सीख पाएंगी और कब राजनैतिक ताकत की तरह इस तंत्र में बैठे लोगो को भी यदि उन्हें जनता नकार दे और उनके काम को तो वो भी पद पर न रहे ऐसी व्यवस्था कायम कर पाएंगी ।ये बड़ा सवाल मेरे जेहन में काफी वर्षो से है और मुझे उद्वेलित करता रहता है की यह नौकशाही द्वारा संचालित नकली लोकतंत्र कब तक चलेगा ।
आज एक विज्ञापन देखा आगरा पर और किसी थीम पार्क की चर्चा तो ये विचार अपने आप को उद्वेलित करने लगा ।
सबको शिकायत है भ्रस्ताचार से और सभी बुराइयों से ।पर जिंदगी भर इमानदार रहने वाला जब बच्चे को पढ़ाने जाता है तो लाखो की फीस इमानदारी के पैसे से जमा नहीं होती ,जब इलाज के लिए जाता है और बीमारी बड़ी हो तो इमानदारी उसके काउंटर पर भो खोटा सिक्का बता दी जाती है और बेटी की शादी तो हो ही नहीं सकती क्योकि ईमानदारी प्रशंसा नहीं बल्कि उपहास का विषय बन जाती है और दहेज़ के तराजू में इसका पलड़ा आसमान देखने लगता है ।
किस विषय पर ईमानदारी की तारीफ करे ।जाने दीजिये ये उपदेश की चीज है दूसरो के लिए बाकी जेब भरी हो तो आदेश दीजिये की क्या चाहिए ।
आदर्शो और ईमानदारी की कलयुग में कितनी सजा निर्धारित किया है ईश्वर ने या शास्त्रों ने कही किसी शास्त्र में इसका कोई वर्णन है क्या ?
आप के इन अवगुणों की सजा आप की पत्नी ,परिवार तथा बच्चो को भी मिलेगी क्या ये भी उसमे लिखा है ? क्योकि बाकी सभी व्यवस्थाओ में तो सजा सिर्फ गुनाहगार को मिलती है परिवार को नहीं ।
किसी विद्वान ने पढ़ा हो तो कृपया मेरा भो ज्ञानवर्धन करने की कृपा करे ।
ऊपर वाले बेइमान होंने के लिए भी अरक्षित कर दिया है अवसर ।अवसर ही नहीं तो चाह कर भी नहीं हो सकता कोई ।पर बहुत लोग अवसर होने पर भी कायरता वश नहीं हो पाते है बेइमान ।
बड़ा गूढ़ शास्त्र है ये ।

बुधवार, 1 अक्टूबर 2014

बापू ये देश आप को अपनी आँखे झुका कर सलाम करता है ,अपनी सम्पूर्ण भावनाओ से आप को दुनिया का महामानव मानते हुए आप का आभार व्यक्त करता है  और आज भी आप का कर्जदार है केवल आप की मानवता और आजादी की लड़ाई के लिए ही नहीं इस बात के भी लिए की देश आप के हत्यारों की असली जिम्मेदार विचारधारा को आज भी सजा नहीं दे पाया ,उसे मिटा नहीं पाया | हम जानते है आप भटक रहे हो देखने को की आप का देश कही उस विचारधारा के पैरो तले कराहने न लगे |
बापू आप कही हम लोगो पर हंस तो नहीं रहे हो या हमारी किस्मत पर रो तो नहीं रहे हो ,कही आप को ये तो नहीं लग रहा की हम आप की विरासत को सहेज कर रख नहीं पाए ,कही हम के द्वारा सिखाई गयी सत्य और अहिंसा के मूल मन्त्र को फैला नहीं पाए ,आप के द्वारा दी गयी आजादी को जिम्मेदारियों और नागरिकता के मूल मन्त्र से सजा नहीं पाए ,आपके सत्याग्रह को लोगो के दिलो में बसा नहीं पाए |
बापू आज कही आप दर कर कही बैठ गए हो कही छुप कर की ये क्या हो रहा है और ये कौन सी साजिश है आप को फिर से मारने की की जो हर रोज पानी पी पी कर गलियां देते थे ,जिन्होंने आप को मारने की व्यवस्था किया था और फिर उसका हर्ष मनाया था और मिठाइयाँ बांटा था ये पलटी कैसे मारा उन्होंने ? सचमुच आप बहुत दहशत में होगे इस वक्त की इस बार ये कौन से मौत देने जा रहे है आप को ? अब इनका क्या इरादा है ? आज़ादी की पूरी लड़ाई में तो ये आप के खिलाफ खड़े थे और आप के बहुत से साथियों को इन्होने पकड़वाया और गवाहियाँ देकर सजा करवाया था | ज्यो ही देश आजाद हुआ ये अचानक धर्म विशेष के राज्य के पक्षधर हो गए और तांडव मचा दिया था इन्होने | जब लाखो की क़ुरबानी के बाद देश आज़ादी का जश्न मना रहा था उस वक्त ये तुम्हारे विचार की हत्या करने उतर गए थे मैदान में | जब तुम शांति करवा कर लौटे तो पैर छूने के बहाने से दाग गिया था गोली इन्होने तुम्हारे कृशकाय शरीर में |
आखिर चौकने की बात तो है बापू ,,आप भी चौंक रहे है और आप के सभी पुजारी भी चौंके है चौंका है ये तुम्हारा पूरा देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में आप को मानने वाले चौंके भी है और चौकन्ना भी है |
बापू आप विश्राम करिए ,आप ने बहुत पुरसार्थ पहले ही किया है ,उतार दिए थे अपने महंगे कपडे की जब तक यहाँ सभी के शरीर पर पूरा कपडा नहीं होगा आप एक कपडे में रहेंगे ,,देख रहे होगे आप गरीबी का मजाक उड़ाते लोगो को हर घटे बदलते कपडे और विचार ,,आप हो गए कृशकाय पर नहीं झुके उनके सामने जिनका सूरज नहीं डूबता था बल्कि उनके सूरज को पच्छिम में जाकर डूब जाने को मजबूर करा दिया ,,चाहे किसी से मिले या कही भी गए अपनी वेश भूषा में गए और अपनी शर्तो पर मिले पर तुमारी ये खुद्दारी कही दम तोड़ती दिख रही है |
पूरी दुनिया में तुम्हे सिखा दिया अहिंसा का मंत्र और हिसक लोग तुम्हे खिलौना बना कर खेलने की कोशिश कर रहे है | तोड़ दी आप ने देशो की सीमाए मानवता के सवाल पर, पर मानवता को कुचल देने का पूर्ण इरादा रखने वाले आप की भावना का मजाक उडा रहे है | आप ने लिख लिख कर जगा दिया था देश को और भगा दिया था आज़ादी के दुश्मनों को और आज लिख और बोल बोल कर लोग आप की दी गयी आज़ादी और लोकतंत्र को ग्रहण लगा रहे है |
हाँ बापू हमें याद है हमारा नारा ;;बापू हम शर्मिंदा है तेरे हत्यारे जिन्दा है ;; पर क्या करे भावनाओ में बहने वाला ये देश कभी कभी १९४७ की तरह की अफवाहों और भावनाओ में बह जाता है ,,फिर जब भी जाता है और सुधार देता है अपनि भूल को और पश्चाताप कर लेता है और फिर मजबूत हो जाता है आप का देश ,आप की दी गयी आज़ादी ,आप के सपने का लोकतंत्र ,और मानवता | पर बापू बीच बीच में ग्रहण लगता रहता है आप के प्यारे हिन्दोस्तान को | हम शर्मिंदा है बापू इस बार बार लगने वाले ग्रहण के लिए | बापू फिर भी हम आप को प्रणाम करते है आप को आप के जन्मदिन पर और बस विश्वास ही दिला सकते है की आप ने अकेले इतना बड़ा साम्राज्य पलट दिया था तो अब तो आप के मानने वालो की बहुत तादात है |
आप बस देखते रहो अपनी बेचैनी छोड़ कर हम पहरेदार बन कर खड़े है और आप के  प्यारे देश को अब गुलाम नहीं होने देंगे और दुबारा आप की हत्या नहीं होने देंगे वो चाहे किसी भी तरह करने को कोशिश हो रही हो ? आप के हत्यारे पहचाने हुए है और हमारी निगाह में है | हमें याद है आप का नारा करो या मरो ,,हमें याद है आप का भजन और उसका मर्म ;इश्वर अल्ला तेरो नाम ;; अगर भेष और भाषा बदल कर कोई साजिश भी हो रही है तो उसे हम सफल नहीं होने देंगे बापू | हम खुर्दबीन से देख रहे है गोलवलकर की किताब का भाष्य कहा कहा हो रहा है और उसका रास्ता कहा तय हो रहा है ,,हम ढूढ़ रहे है वो पुस्तके जिनमे तुम्हे हर मारा गया हाउ बापू |
आप विश्राम करिए बापू हम खड़े है उसी तरह जिस तरह गरीब का बेटा खड़ा है सरहद पर की आप के दुश्मनों की फ़ौज चाहे कितना भ्रस्ताचार कर रही है और भर्स्ट व्यापर कर रही है पर वो खड़ा है की बापू के देश पर कोई गन्दी निगाह न पड़े | हम हम खड़े है बापू | हम हम समझ रहे है की हत्यारों के परिवारी जानो द्वारा आपकी तरफ बढ़ना आप को सचमुच बहुत बेचैन किये है पर बापू आप तो अनंत शक्तियों के मालिक हो तभी तो ये पूरी कोशिश कर भी महज आप के शरीर को मार पाए |  कहा मार पाए आप को | आप तो खड़े हो विचारो के साथ पूरी दुनिया में ,जिधर भी ये जाते है आप खड़े दिखाते हो और जिसके यहाँ भी जाते है वो बस आप की ही चर्चा करता है और आप की याद पर जाने को मजबूर करता है | क्या बीतती होगी इन पर बापू ये तो उसी क्षण बिना मौत ही मर जाते होंगे अपनी निगाह में ,अपने दिल में ,| बापू मजबूर हो गए है ये और इनके परिवारी जन आप की तरफ बढ़ने को दुनिया के सामने शर्मिंदगी से बचने को जब तक ये उतने शक्तिशाली न हो जाये की हर इन्सान के दिल से ,देश के कोने कोने से और दुनिया के चप्पे चप्पे से आप को मिटा न दे और ये मुझे तो संभव नहीं दिखता इसलिए बापू अपने विचारो की ताकत पर भरोसा कर आप विश्राम करिए और आपकी आभा पर विश्वास कर हम भी बैठ जाते है पर आँखे खोले हुए और हर पल चौक्कना इनके वार से आप को बचने के लिए |
अच्छा बापू हमें माफ़ करना अब तक के लिए की ३० जानवरों १९४८ को आप से किया वादा हम पूरा नहीं कर पाए की आप की हत्या करने वाली विचारधारा को अब सर नहीं उठाने देंगे | लेकिन हमें और शर्मिदा तो आप नहीं देखना चाहेंगे इसलिए हम पर विश्वास करते हुए अपने जन्मदिन को मनाने दीजिये और आप भी जन्मदिन पर हमरा कृतघ्न प्रणाम स्वीकार करिए बापू |
इन्सान का इन्सान से हो भाईचारा ,यही पैगाम तुम्हारा | तुम्हारे प्रिय नेता जी का नारा ;जय हिन्द |

हमें जीत को ताकत में ,उत्साह को विनम्रता में ,ख़ुशी को और ज्यादा जिम्मेदारी में ढाल लेना होगा ।सर ठंडा और पैर जमीन पर रखना होगा ।तब 2017 भी अपना होगा ।
जब बीजेपी जीत जाती है तो उसका पूरा श्रेय आर एस एस ले जाती है ।
इस चुनाव में संघ दशहरा की छुट्टी पर था या होनोलुलु गया हुआ है ?
प्रधान प्रचारक जी जिस वक्त चीन के राष्ट्रपति भारत के दौरे पर हो उसी वक्त सीमा पर हरकत महज जापान की धरती पर की गयी वो हरकत की जा मैं तेरे साथ नहीं खेलता बल्कि तेरे पडोसी के साथ खेलूँगा का जवाब भी था और उनकी तरफ से चेतावनी भी ।
मेरे विचार से चीन tuch with care की चीज है ।
मैं दिल्ली में बैठा विदेश नीति का विद्वान तो नहीं हूँ जो 52 साल से चीन की समस्या का निदान ढूढ़ रहे है पर देशभक्त नागरिक जरूर हूँ जो देश के साथ फिर 1962 नहीं देखना चाहता ।इस बार हुआ तो बस तबाही होगी ।
आज मैंने रामबारात के अवसर पर जनकपुरी में मुख्य अतिथि के रूप में एक परंपरा का विरोध करते हुए उसे मानने से इनकार कर दिया ।
इन मंचो पर हर बार मंत्रियो और अधिकारियो को अतिथि के रूप में बुला कर सम्मानित किया जाता है ।
इस बार मैं मुख्य अतिथि था तो मैंने इस परंपरा से इंकार करते हुए इस मंच पर माला पहनने और सम्मानित होने से इनकार कर दिया ।
चाहे स्वरुप ही सही पर ये भगवांन का मंच है उस पर भगवान् के आलावा और कोइ कैसे समानित हो सकता है ।मैंने आगे के लिए भी आयोजको से आग्रह किया की ये परंपरा बंद करे ।
कल शाम केंद्रीय मंत्री वालियांन और बीजेपी के नेताओ ने इसी मंच पर मुकुट धारण कर अपना स्वागत करवाया था ।वो लोग राम भक्त है इसलिए ये कर सकते है पर मैं असली राम को जानने और समझने वाला हूँ इसलिए मैंने ये किया ।
अब सही गलत का फैसला तो सचमुच की श्रद्धालु जनता ही कर सकती है ।हे राम हे राम हे राम ।
पता नहीं क्यों मुझे ऐसा लगता है की बाहरी कूड़ा करकट और मैल साफ़ करने से पहले अपने मन की ,आत्मा और दिमाग की मैल साफ़ करना ज्यादा जरूरी है ,क्योकि ये मैल ज्यादा घातक और नुकसानदायक और खतरनाक है ।जय हिन्द ।
प्रधान प्रचारक जी आप अभी तक केवल भाषण कर रहे है और भाषण भी बहुत उथला होता है। अब करना कब शुरू करेंगे ।देश इन्तजार कर रहा है ।
आज भी सयुक्त रास्त्र संघ में अपनी अज्ञानता को छुपाने के लिए ऐसी ऐसी बाते कही जिसमे वहां बैठे हुए लोगो की कोई रूचि नहीं थी ।दिख रहा था की लोग ऊब रहे है ।कही का ईंट कही का रोड़ा टाइप का भाषण था और क्या नागपुर ने आदेश दिया था योग जैसी बाते करने के लिए ।क्या मतलब उन लोगो का ।
भारतीय लोगो को तो ताली बजाना ही था और खत्म होने पर खड़े होकर भी बजाना था ।पर अगर अन्य लोग भी खड़े होते तो बात होती ।
मीडिया के दोस्तों आप लोग तिल का ताड़ बना कर दिखाने की कोशिश कर रहे है और कुछ ऐसा बताने की कोशिश कर रहे है की कुछ अभूतपूर्व हो रहा है ।ये आप की अज्ञानता के कारण है या फिर कुछ और कारण है इसके पीछे ये चर्चा हो रही है अब जनता में ।
आप हवा तो बनाते हो पर उसकी सच्चाई दूसरे लोग खोल देते है अन्य माध्यमो से ।
आप की तथास्थाता तथा विश्वसनीयता भी जरूरी है भारत के लोकतंत्र के लिए प्लीस उसे बचाए रखिये वरना एक खम्भा जनता के लिए बेमायने हो जायेगा ।
और प्रधान प्रचारक जी घूमना फिरना तो बहुत हो गया अब वादे पूरे करने पर भी कुछ समय दीजिये ।और जो बड़ी बड़ी बाते किया था कुछ उसका भी मुजाहिरा हो जाये ।
अब आप के भाषण बोर करने लगे है ।
जयललिता को मिली पूर्ण सजा क्या भारतीय राजनीती को कुछ बदलेगी ?और नेताओ के साथ साथ अधिकारियो के ,इंजीनियरों का ,ठेकेदारों का और दलालों का कार्य कलाप कुछ बदलेगा ?दलाल और छिनाल [ इसका गलत अर्थ न लगाये मेरा मतलब सब कुछ छीन लेने वाले से है धन दौलत और इज्जत भी ] कुछ ज्यादा ही तरक्की कर रहे है |देखते है भाई क्या होता है ,औऊऊऊऊऊ
ये अमेरिका में ताली बजाने वाले और भारत की तर्ज पर नारा लगाने वाले कितने में मिले ? इनको मैनेज करने वाले जो एक महीने पहले से अमेरिका में डेरा डाले है उन भाजपाइयो और संघियों को क्या इनाम मिलेगा और मीडिया में बैठे संघी दोस्तों को कुछ ऊपर से मिल रहा है या नहीं दिवाली गिफ्ट में या कमिटमेंट है नागपुर के प्रति ,,,,अरे वही वाला हस्तिनापुर के सिंहासन से बंधे होने वाला |
समाजवादी पार्टी की सरकार और इसके मुख्यमंत्री अखिलेश यादव बनाम प्रधान प्रचारक --+.
बीजेपी के 100 दिनों के कामों को जनता देखचुकी है और
हमारे युवा हृदय् सम्राट माननीय
मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव जी ने दो साल छ:माह में
जो कर दिखाया है वो आज तक किसी भी मुख्यमंत्री ने
नही किया है !
>लैपटॉप वितरण -वादा पूरा किया
>मुफ्त पढ़ाई -वादा पूरा किया
>मुफ्त दवाई -वादा पूरा किया
>मुफ्त सिंचाई -वादा पूरा किया
>मुफ्त इलाज -वादा पूरा किया
>मुफ्त ड्रेस वितरण -वादा पूरा किया
>लायन सफारी -वादा पूरा किया
>किसान कर्ज माफी -वादा पूरा किया
>मुफ्त तीर्थ यात्रा -वादा पूरा किया
>बुनकरों की बिल माफी -वादा पूरा किया
>बेरोजगारी भत्ता -वादा पूरा किया
>साईकिल वितरण -वादा पूरा किया
>शिक्षक भर्ती -प्रक्रिया जारी
>TET भर्ती- प्रक्रिया जारी
>चिकित्सक भर्ती -वादा पूरा किया
>सफाई कर्मी का स्थायीकरण-वादा पूरा किया
>शिक्षा मित्रों समायोजन -वादा पूरा किया
>मेट्रो निर्माण -लखनऊ का कार्य शुरू, कानपुरका DPR
प्रक्रिया में।
>41 हजार अनुदेशक भर्ती किये
>शिक्षामित्र शिक्षक बनाये
सविंदा सफाईकर्मी का वेतन 13600 किया
>महिला सुरक्षा -1090 का सफल आयोजन
>समाजवादी पेंशन योजना -प्रक्रिया जारी
>एंबुलेंस सेवा -वादा पूरा किया
>ग्रीन पार्क स्टेडियम का निर्माण -वादा पूरा किया
>पुलिस भर्ती -रिजल्ट घोषित
>सड़क निर्माण -कार्य शुरू कर दिए गए
>दुग्ध उत्पादन -अमूल्य, अमूल, मदर डेयरी के
कईडेयरी खोल, वादा पूरा किया
>गौ हत्या - प्रतिबंध लगा करवादा पूरा किया
>फसल बीमा योजना -वादा पूरा किया,फसलनुकसान में
दोगुनी राशि का भुगतान
>बैटरी चालित रिक्शा -60000लोगों को वितरण कर
वादा पूरा किया
>दुग्ध उत्पादन में बढ़ोतरी का लक्ष्य - नम्बर
एकहो वादा पूरा किया।
>वैट या कर कटौती -वैट कम कर, कोई
नया करना लगा वादा पूरा किया
>लखनऊ आईटी हब- निर्माण कार्य शुरू,वादा पूरा किया।
>2017 तक 24 घंटे बिजली के लिए प्रयास-यूपी सरकार चार
सबस्टेशन 400
KV 21 सबस्टेशन220KV और 63 सबस्टेशन 132 KV
कैपिसिटी केनिर्माणाधिन है जब कि 10 सबस्टेशन
कमीशनयानि चालू कर दिए गए हैं। आगे के तीन महीनेमें
39और प्राइमरी सबस्टेशन को चालू कर दिएजायेंगे,इस
वित्तीय वर्ष में 40 और सबस्टेशन के
निर्माणका प्रस्ताव रखा है ।1.34 लाख गांवों के
विद्युतिकरण, मीटर,केबलिंग,भूमिगत विद्युतिकरण,
ट्रांसफार्मर के लिएसरकार ने 7282 करोड़ रुपये दिए गए
हैं कार्य चलरहा है ।आपूर्ति सुधार, पावर प्लांट, थर्मल
पावर प्लांटकेनिर्माण, रखरखाव, एवं नये निर्माण के
लिए22000करोड़ रुपये का कार्य प्रगति पर है ।
कई जिलों में सोलर पावर प्लांट के कार्य PPP के तहत
प्रगतिशील हैं ।विधायक निधि में 25 लाख
प्रति वर्षचिकित्सा सहायता के लिये अनिवार्यकिया !
गरीब की सवारी साईकिल को वैट से मुक्त किया ।
20 जिला मुख्यालय प्रराम्भिक चरण में 4 लेंन सड़को से जुड़ रहे है ।
पांच साल पूरा होने तक अधिकतर जिला मुख्यालय 4 लेंन सडको से जुड़ जायेंगे ।
पांच साल पूरा होने से पहले खुद बिजली का 2 हजार मेगावाट उत्पादन शुरू कर देंगे ।
पांच साल पूरा होने तक लखनऊ के साथ कानपूर और शायद आगरा में भी मेट्रो का कार्य शुरू हो जाये ।
2017 तक अधिकतम सड़के बन चुकी होंगी ।
उत्तर प्रदेश सरकार बुजुर्गो को तीर्थ यात्रा करवा रही है मुफ्त
उत्तर प्रदेश सरकार मानसरोवर यात्रियों को पैसा देती है
2017 तक दस लाख से अधिक को रोजगार दे देगी ।
2017 तक कई शहरो सी सी टीवी कैमरे लग जायेंगे और पोलिस का आधुनिकीकरण हो जायेगा
बिजली में हम आत्मनिर्भर हो जायेंगे बशर्ते -
यदि केंद्र सरकार कोयला सप्लाई समय से करे और प्रचुर
मात्रा में करें तो यूपी भी उजाले में जी सकता है
प्रधान प्रचारक ने कहा क्या किया क्या --
100 दिन में महगाई ख़त्म कर दूंगा - बढा दिया
100 दिन में काला धन ले आउंगा - क्या हुआ और कितने पैसे आये
पाकिस्तान एक मरेगा तो हम सौ पर उसने तो कई मार दिए -क्या किया
चीन को मुहतोड़ जवाब हम देंगे - क्या दिया
पूरे देश को बिजली देंग- उत्तर प्रदेश की काट रहे है
कांग्रस मुक्त करना है - सब कांग्रेस के कार्यो का फीता काट कर अपना बताने की कोशिश
कांग्रेस की नीतिया ज्यो की त्यों अपना लिया है ।
आज इतना ही काफी है तुलना करने को ।
समाजवाद और गांधीवाद साथ साथ चलने वाले विचार है समता सम्पन्नता और मानवता के लिए ।
प्रदेश के विकास में भागीदार बने !
हम पेड मीडिया तो नही पर अपने द्वार शेयर कर के
दूसरो को जरूर जागरूक कर सकते है !
जय हिन्द |
संघ वाले राम माधव और कई लोग कई दिनों से अमेरिका में है और मीडिया में घुसे संघियो के साथ मिल कर जो कर रहे है वो सभी देख रहे है ।क्या कभी देखा है आप ने की किसी भी प्रधानमन्त्री और उनकी पार्टी ने या उनके पीछे खड़ी ताकतों ने ऐसा किया है ।क्या ये देश के साथ की गयी वादाखिलाफी और असत्य तथा असफलता से ध्यान हटाना नहीं है ?
दुनिया में रहने वाले प्रधानमंत्री से मिलते है और उनके मुद्दे होते है और ये दिखा भी केवल एक चेनल पर कि विज्ञानं की तरक्की करे ।क्या हम दुबारा भारत आकर रह सकते है ?क्या वहां हमें सभी सुविधाएँ मिलेंगी ? इत्यादि ।
क्या संघ के इरादे के बारे में जो सोचता रहा हूँ वही सब करने की तयारी में है संघ ?
मैं थोडा सहज हुआ था उपचुनावों की इनकी हार से पर अब फिर असहज हो रहा हूँ देश के लोकतंत्र के भविष्य को लेकर ।
भारत के लोगो की नाच गाने ,मेले ,कव्वाली ,,भजन सब अच्छा लगता है और इसी में गम भूल कर राम जाते है इसलिए कोई बात नहीं | वैसे सब होता रहा है और हो रहा है की आप मूल मुद्दों को भूल जाओ ,असंतुस्ट न हो जाओ और चर्चा न शुरू कर दो की किसी ने चुनाव में और उससे पहले क्या क्या कहा था | हो वो सब रहा है जो कभी नहीं कहा था | बाकि आप सभी की मर्जी |
बड़ी पुँरानी कहावत है ;;;थोथा चना बाजे घना ::: जय हिन्द ,,,
क्या अमरीकी जनता में भी बीजेपी का प्रचार हो रहा था ।ऐसी घटना पर सिंगापुर के प्रधानमन्त्री ने वहा की हिंदुस्तानी जनता को कह दिया था की आप सब हिंदुस्तान लौट जाओ पर सिंगापूर में रहना है तो यही का नागरिक बन कर रहो ।दूसरे देश की राजनीती का हिस्सा मत बनो ।
ग्रेटर नॉएडा से होते हुए नॉएडा एक्सटेंशन में सैमसंग के कार्पोरेट ऑफिस में ।क्या ये नॉएडा ,ग्रेटर नॉएडा और यहाँ मौजूद ये सारे ऑफिस और फैक्ट्री प्रधान प्रचारक की देंन है ?
आकर देखिये क्या शानदार है सब और चौड़े नेकर वालो को लगता है की देश में 1947 से कुछ हुआ ही नहीं ।गुजरात में है कोई नॉएडा और ग्रेटर नॉएडा जैसा शहर ।
मेट्रो ट्रेन या तो पिछली सरकारों ने चलाया है या समाजवादी पार्टी सरकार ने चलाया और आगे भी चला रही है ।
बीजेपी की किसी सरकार ने एक भी मेट्रो चलाया हो तो मेरा ज्ञान बढा दीजियेगा ।अरे जो 15 साल में एक मेट्रो नहीं चला पाए वो बुलेट ट्रेन की फेंक रहे है ।
गुजरात में सड़को पर नाव चलना ,उद्घाटन के बाद ही पुलो का गिर पड़ना और दंगे दिख रहे है ये अलग बात है की मीडिया के बजाय सोशल मीडिया पर ।
फेकने वाले हमें भी बता दे की मीडिया को इतना डराया कैसे है ? या सब व्यापार के भ्रस्ताचार की --
चलिए समय ने सबका न्याय किया है ।झूठ के पांव नहीं होते ये सुना था पर ये भी सत्य है की जनता झूठ को किनारे तक पहुंचा कर रहती है ।
जय हिन्द ।
जरा चुनाव आयोग स्पष्ट कर दे की क्या सचमुच 125 करोड़ लोगो ने किसी को प्रधान प्रचारक चुना है ? या संख्या कुछ घटने की गुंजाईश है ? और कुल वोटर कितने है ?
अमरीका में तो सच ही बोला होगा ।क्योकि वही की वही वोबामा वाली एजेंसी ने चुनाव से लेकर पाच साल आगे तक का ठेका लिया है प्रचार और ब्रांडिंग का ।
कुछ समझ ????
आजकल डमरू बजाने वाले कही दिख नहीं रहे है सडको पर ,,पता नहीं कहा गायब हो गए है ,,,उनके डमरू पर इकट्ठे होने वाले लोग भी | डमरू वालो ने शक्ल और पेशा बदल लिया क्या ???