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मंगलवार, 24 सितंबर 2013

अगर फेकू में हिम्मत हो तो दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली हो जाये और उसमे फेकू का और मेरे मुख्यमंत्री का मुकाबला हो जाये ज्ञान का भी और भाषण का भी । वैसे तो मैं ही काफी हूँ फेकू के लिए । पर देख लीजियेगा फेकू तैयार ही नहीं होगा ।
ओबामा की नकल करता है इसलिए कह दिया की ऐसा वहां होता है ।
रैली में पैसे के साथ बुरका भी मिलेगा । लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए फेंकू का नया फार्मूला । बड़ी दिक्कत है की फेकू जो भी फेंकता है सबकी पोल खुल जाती है । मेरे पास पैसे नहीं है इसलिए रैली भी नहीं और नकली वसूली भी नहीं ।

सोमवार, 23 सितंबर 2013

कितनी तरह की बीमारियाँ होने लगी है और कैसे कैसे नाम हैं उनके पता ही नहीं था ।
पापियों ,सारे बुरे काम करने वालो से इश्वर भी डरता है और अच्छो से जल्दी मिलना चाहता है ।

रविवार, 22 सितंबर 2013

विदेश में भारत के ही नागरिक और उत्तर प्रदेश के मंत्री मो आज़म खान को रोके जाने पर कुछ लोग कोई और भाषा बोल रहे थे और अपने साथियों को छोड़ कर किसी लड़की का सलवार सूट पहन कर भागने की कोशिश करने वाले रामदेव को रोकने के मामले में कुछ दूसरी भाषा बोल रहे है ।
ये क्या हो गया है लोगो को ? पुलिस सद्व्यवहार सप्ताह मनाती है , हिंदुस्तान हिंदी सप्ताह मनाता है , दुनिया ने विश्व शांति दिवस मनाना शुरू किया है ,ऐसे ही पता नहीं क्या क्या ??
पर पिता दिवस ,,,,माता दिवस ,,, बेटा दिवस ,,, बेटी दिवस ,,,????? अब ये रिश्ते भी दिवस के दिखावे तक सीमित हो जायेंगे ????????
मौतों और बरबादी से देश को और मानवता को क्या मिला ???

बुधवार, 18 सितंबर 2013

कल से दिल्ली की तरफ । क्या करूँ ५० दिन से ज्यादा हो गया तो गंगाराम अस्पताल की शरण में जा रहा हूँ । जिम्मेदारियां हैं वरना जीवन का कोई मतलब नहीं है । एक समय आता है कुछ लोगो के जीवन में की जीवन बेमतलब हो जाता है और आप अनुपयोगी और अपराधी भी हो जाते है सभी के लिए । आप नितांत अकेले हो जाते है और केवल दिन और पल गिनते है ।

मंगलवार, 17 सितंबर 2013

देश के एक नेता को किसने बता दिया की उनके चीखने से लोग प्रभावित होते है । दूसरा सेल्समैन वाली भाषा किसी ने रटा दिया । कोई उनका ऐसा शुभचिंतक नहीं है जो उन्हें सच बता सके और सुधार सके की वो देश के नेता की तरह बोलें ?????????????
१९९२ में मैंने एक भाषण में बोल दिया की ये देश सबका है । सबकी क़ुरबानी से और योगदान से बना है । तथाकथित हिंदुवादियो के सबसे बड़े पदाधिकारी ने बयान दे दिया की मैं किसी दूसरे धर्म के आदमी को अपना बाप बना लूँ और मुझे कहना पड़ा की मुझे अपने पिता पर विश्वास भी है और गर्व भी आप अपना देखो ।
जो लोग नहीं जानते की फासीवाद क्या होता है अब मेरी इन लगातार डाली गयी तीन पोस्ट से जान लें की क्या होता है ?/
फासीवाद का मतलब आप असहमत है या कोई अन्य विचार रखते है तो देश छोड़ दे या दुनिया ही छोड़ दें । यही फासीवाद होता है और इसी की आहट से मैं लगातार सभी को आगाह कर रहा हूँ ।
अपने आदर्शो को दुत्कार कर जिन्हें गोली मारी और जिन्हें गाली दिया अचानक उन महापुरुषों को अपना आदर्श क्यों बताने लगे तथाकथित हिंदूवादी ?? ये सवाल क्या पूछ लिया चार गलियां देकर फरमान सुना दिया मुझे की मैं अपना धर्म बदल लूँ । क्या मैंने कोई गलत सवाल पूछ लिया या फिर दुखती राग पर पांव पद गया मेरा ?? जवाब जरूर मिले ।
तथाकथित हिंदूवादी ताकतों ने कभी ये संकल्प क्यों नहीं लिया की कोई हिन्दू औरत शरीर नहीं बेचेगी और कोई हिन्दू बच्चा भीख नहीं मांगेगा ।
इस पर भाई लोगो में मुझे आदेश दिया है की मैं धर्म बदल लूँ ।
क्या सचमुच मैंने कोई धर्म विरोधी बात कर दिया ?????????
जवाब जरूर मिलना चाहिए ।
इंसानियत में बिलकुल यकीन नहीं करने वाले एक आदमी के कारण देश से घोटालो ,भ्रस्ताचार और महगाई की चर्चा ही गायब हो गयी । वैसे भी ये चर्चा करने पर तीन उँगलियाँ खुद की तरफ इशारा करने लगती है ।
भारत में एक महिला ने बाल खोल दिए तो भारत महाभारत में तब्दील हो गया । समय आज भी वही है एक बहन बेटी ने मुह खोलने की हिम्मत किया तो एक नकली अध्यात्मिक सत्ता भरभरा कर गिर गयी और लगातार गिरती जा रही है । बाल खोलना मुह खोलना ही होता है ,प्रतिरोध करना ही होता है हर जुल्म के खिलाफ ,हर गैरबराबरी के खिलाफ । जब भी किसी अनीति के खिलाफ हमारी बहन बेटी उठ खड़ी होगी तो महाभारत जरूर होगी ये उन्हें समझाना चाहिए । वैसे सभी की जिम्मेदारी है हर अनीति के खिलाफ उठ खड़े होने की ।

सोमवार, 16 सितंबर 2013

सामान्य ज्ञान के आज के दो सवाल --- देखें कितने लोग जवाब जानते है --------

-  १ ---भगवांन राम के मंदिर के नाम पर दंगे करवा कर सरकार किसने बनाया था ????
--२ ---गली से लेकर दिल्ली तक सरकार बन जाने के बाद किसने कहा था की ---- हम एक मंदिर के लिए सरकार नहीं गँवा सकते है ????
हिंदुवादियो ने अपने आदर्शो और अपने नेताओ का नाम लेना बंद क्यों कर दिया ?? क्या वे बिकाऊ और वोट दिलवाऊ नहीं लगते उन्हें ?? हेगडेवार से देवरस तक और मुखर्जी से वाजपेयी तक ।
आखिर उनके नाम के पीछे क्यों भाग रहे है जिनमे से एक की इन्होने हत्या किया था और उन्हें बहुत गलियां ही नहीं दिया था बल्कि उनकी हत्या को जायज बताने वाली किताबे यही छापते और बेचते है यानी रास्ट्रपिता महत्मा गाँधी जी ।
और जिन्हें इन लोगो ने बहुत गलियां दिया था जब उन्होंने गाँधी जी की हत्या होने पर संघ पर प्रतिबन्ध लगा दिया था और पूरे देश के संघियों को जेल भेज दिया था ,,यानि सरदार पटेल जी ।
नेता जी , नेहरु जी ,लोहिया जी और जयप्रकाश के नाम कब तक जपना शुरू करेंगे उसका इन्तजार है ।
पर इन्होने मान तो लिया की इनकी विचारधारा और कार्यक्रम बनाने वाले बस यूँ ही थे ।
क्या ये करने वाले हिन्दू नहीं है ???????????????????????????????????????????????????????????????????????????????///////??                                                                                                                                                                अच्छा दोस्तों क्या शरीर बेचने से भी बुरा कोई काम है दुनिया में ? क्या फुटपाथ पर बच्चे पैदा करने और छोटे छोटे बच्चो के चौराहों पर भीख मांगने से भी बुरा कुछ हो सकता है ??

क्या ये करने वाले हिन्दू नहीं है ??

नहीं ---------

तो अपने प्रचार पर हजारो करोड़ खर्च करने वाले ,,, दंगे पर बड़ा पैसा खर्च करने वाले ,,और खुद को हिन्दुओ का ठेकेदार कहने वालो के मुह से कभी आप ने सुना की वो कुछ दिनों तक अफवाह पर और दंगे पर पैसा नहीं खर्च करेंगे बल्कि उस पैसे से और जमाखोरी ,,, मिलावाटखोरी ,,और मुनाफाखोरी से कमाए पैसे से ऐसी व्यवस्था करेंगे की अब कोई हिन्दू औरत शरीर नहीं बेचेगी ,,,,अब कोई हिन्दू बच्चा भीख नहीं मांगेगा ,,, अब कोई औरत फुटपाथ बच्चा नहीं पैदा करेगी ॥।

अगर कभी किसी ने सुना हो तो जरूर बताना ।
एक बार एक जगह बहुमत की सरकार आई दंगे करवाने और करोडो की संपत्ति नष्ट करवाने के बाद ,लोगो को मरवाने के बाद तो एक सविधान की शपथ लेकर उसे तोडा ,एक बेजान सी इमारत तोड़ी तो दुनिया के तमाम देशो में न जाने कितनी इमारते तुड़वा दिया जहा वो इक्का दुक्का थी ,देश का दिल तोड़ दिया और दुनिया की निगाह में हमारा सभ्य होने का गुरूर तोड़ दिया ।

दूसरी जगह बनी तो एक बडे  समाज से हत्याओ का खेल सत्ता द्वारा खेला गया , सत्ता प्रमुख अट्टहास लगता रहा और मौतों पर अफ़सोस के बजाय मुस्कराता रहा । एक बड़ा समाज मुस्कराना और स्वतंत्रता से जीना ही भूल गया ।

अल्पमत की एक सरकार बनी तो दुश्मन घर में घुस आया सरकार सोती रही और गरीब घर से आये हुए सैनिको ने जान देकर कारगिल नाम का घर बचाया । एक बड़े आतंकवादी को कंधार पहुँचाने गए देश के बड़े मंत्री और वो भी फ़ौज के जहाज में उनका मनोबल तोड़ने को और खाली हाथ नहीं गए सैकड़ो करोड़ रुपये लेकर गए उन्हें देने को ताकि वो देश में उस पैसो से आतंकवाद फैला सकें [ वकौल जसवंत सिंह उनके रक्षामंत्री जो कंधार गए थे ],,उसी आतंकवादी ने आज तक न जाने कितनी जाने ले ली देश में आतंकवादी हमले कर उसी पैसे से और मरने वाले हिन्दू भी थे ।

दुशमन संसद में घुस गया और उन्हें पता ही नहीं था सोते रहे ,फिर गरीब या किसान के बेटे जवानों ने अपनी जान देकर देश की इज्जत ,सत्ता ,और सार्वभौमिकता के प्रतीक की रक्षा किया ।

ढेर सारे होटल और सरकारी क्षेत्र की कम्पनियाँ औने पौने में बेच खाया ।

जो सैनिक शहीद हुए थे उनके कफन और ताबूत में भी पैसा खा गए ।

उनके रक्षामंत्री के घर में घूस की डील करते हुए देश ने देखा ।

उनके रास्ट्रीय अध्यक्ष को देश ने घूस खाते हुए टी वी पर पकड़ा ।

इनके लोग सवाल पूछने में घूस खाते पाए गए ।
 
और क्या बचा रह गया करने को ??

कही अगर बहुमत आ गया तो क्या होगा ,शायद भोली भाली जनता को कल्पना भी नहीं है ।

इसके लिए बहुत कुछ बताना होगा देश को और काली टोपी के रहस्य से लेकर हिटलर के कारनामो तक की कहानी बतानी होगी ।

बहुत से लोग जिनके नाम में ज्यादातर आर और आई लगा होता है ,उन्होंने मुझे बड़ा ज्ञान दिया की जब मैं एक्स पार्टी या एक्स नेता के खिलाफ बोलता हूँ तो घोर हिन्दू विरोधी कार्य करता हूँ । क्या वास्तव में मैं हिन्दू विरोधी हूँ ?? या वे हिन्दू विरोधी है जो हिन्दुओ को नकली सामान यहाँ तक की दवाइयां भी बेचते है ,मैं हिन्दू विरोधी हूँ या जो जमाखोरी ,कर रहे है ,हिन्दू किसानो को भी लूट रहे है और मुनाफाखोरी कर सभी हिन्दुओ को भी लूट रहे है । मैं हिन्दू विरोधी हूँ या जिन्होंने फ़ौज के सिपाहियों के ताबूत और कफ़न में भी दलाली खाई वे हिन्दू विरोधी है । मैं हिन्दू विरोधी हूँ या जो खुद अपने समाज की बेटी के बाप से शादी में सौदेबाजी करते है वे हिन्दू विरोधी भी है और समाज विरोधी भी । मैं हिन्दू विरोधी हूँ या जो गर्भ में ही हिन्दू बेटियों की हत्या कर आगे के लिए समाज का रास्ता रोक रहे है वे हिन्दू विरोधी है ??????
जिस तरह मैं जब किसी फासीवादी पार्टी के खिलाफ या किसी फासीवादी व्यक्ति के खिलाफ लिखते या बोलते ही हिन्दू विरोधी हो जाता हूँ वैसे ही दोस्तों मेरा साथ नहीं देने वाले या विरोध करने वाले हिंदुस्तान विरोधी है और हिंदुस्तान विरोधी होने के कारण हिन्दू विरोधी भी है ,हिंदुस्तानियत विरोधी भी है और इंसानियत विरोधी भी है । जो आर मेरा विरोध करते है ,वे समाज विरोधी है और जो दोस्त बन कर गलियां देते है वे संस्कार विरोधी है या उनके परिवारों में गलिया देकर ही बात करने का प्रचलन है  क्या कर सकता हूँ ।
कृपा होगी की आप सभी खुद अन्फ्रेंड हो जाये क्योकि मैं जिससे दोस्ती करता हूँ उसे ठुकराता नहीं ।

रविवार, 15 सितंबर 2013

मेरी समझ में नहीं आता की कुछ खास विचारधारा के लोग मेरी पोस्ट में घुस कर अपने घर की लड़ाई और रावण और कंस क्यों ढूँढ़ते है ?? मैंने तो कही किसी पार्टी और व्यक्ति का नाम नहीं लिखा ।
मैं कुछ अपने बारे में भी लिखता हूँ तो वे गुर्राने लगते है ।
अब क्या करूँ फेसबुक छोड़ दूँ या सोचना और लिखना बंद कर दूँ । अपने देश और समाज की चिंता करना बंद कर दूँ या आने वाली पीढ़ियों के प्रति इन्ही लोगो की तरह अपना दायित्व भूल जाऊं ??

कुछ लोग जब देश की आजादी के लिए लड़ रहे है थे तो कुछ ऐसे भी थे जो या तो घरो में बैठे थे या फिर स्वतंत्रता सेनानियों के खिलाफ अंग्रेजो से मिले हुए थे । उन्ही के अनुयायी ये सब कर रहे है ।
दोस्तों जरा याद करो की आप में से कुछ लोगो ने मुझे कितनी गलियां दिया था जब मैंने अन्ना के आन्दोलन के पीछे लग रहे पैसे और संगठन की बात किया था । आप लोगो ने मेरी बात स्वीकार करने के बजाय गालियाँ  दिया । आज देख लीजिये जर्नल वी के सिंह ,और रामदेव यादव किसके साथ हैं ?? बाकी की असलियत भी सामने आ जाएगी ।
मंगल ग्रह और चाँद तो बहुत दूर है कोई आसपास ऐसा टापू नहीं है जहा २० /  २५ करोड़ लोग बसाये जा सके ?? शायद ऐसा समय कभी आ जाये । आसपास के देशो के जो दोस्त है प्लीस इतनी मदद तो कर दीजियेगा की चार पांच साल के लिए अगर जरूरत हुयी अपने देश में शरण दिलवा दीजियेगा । फिर हम जैसे लोग वापस अपने देश चले जायेंगे । फासीवाद जब जहा भी आता है तो पहले जिनके खिलाफ नफ़रत फैला कर आता है उनका कत्लेआम करता है ,फिर साहित्यकारों ,पत्रकारों ,कवियों और उन तमाम लोगो का करता है जो अपने विचार रखते है और बोलने को हिम्मत दिखाते है ।
ऐसे लोगो से लड़ने के लिए मरने के बजाय ज़िंदा रह कर काम करना पड़ता है । वैसे फासीवाद खुद अपनी मौत मरता है और उसके हथियार बने लोग उसे ख़ुदकुशी करने को मजबूर कर देते है ।
कांग्रेसियो सावधान आपके महत्मा गाँधी और सरदार पटेल को कोई चुरा रहा है । वैसे उन लोगो को आप लोग अपना मानते भी हो या कही फालतू सामान के स्टोर में डाल कर भूल गए । तो जान लो ये फालतू सामान नहीं है बल्कि अग्नि ५ से भी ज्यादा ताकतवर हथियार है । आप को मिटा देने को काफी है । हो सके तो बचा लो वर्ना हम तो उनकी रक्षा करने की कोशिश करेंगे ही । कुछ समझे या नहीं ??????
मैं जब केवल १० / १२ साल का था ,बहुत गरीब घर में पैदा हुआ था इसलिए फीस देने के लिए मेरे पिता के पास पैसे नहीं थे । लेकिन जब पूरे जिले में केवल कुछ सौ अखबार आते थे तो एक मेरे घर में भी आता था । मैं बहुत ज्ञानी था और मुझे पता था की चीन से युद्ध हो रहा है । सेनाये जा रही थे पर अपने पिता से छुप कर मैं फौजियों का स्वागत करने गया था । दर था की पिता मारेंगे ।
तभी से फौजियों से मेरा रिश्ता है ।