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रविवार, 18 अगस्त 2013

एक बार देश की एक बड़ी पार्टी के नेता ने भाषण करते हुए कहा था की क्यों समस्या मानते है हम इसे ,ये पाकिस्तान बस एक जमीन का टुकड़ा ही तो है । आज ये टुकड़ा नासूर की तरह तकलीफ दे रहा है । दस दिन में बीस बार इसने सीमा की शांति भंग किया है और आज भी किया है ।
क्या ये छोटा सा टुकड़ा खरीदा जा सकता है या फिर इस पर जबरदस्ती हल या ट्रेक्टर चला कर जोत लो और बो लो । देखें क्या करते है वो नेता । और जिनकी आवाज वह सुनी जाती है जमीन का टुकड़ा उनके खेत से भी लगा है और उस जमीन वाला उनके खेत को भी रौंदता रहता है । पर वो भी दूसरे की तरह केवल भाषण देते है ,जबकि उनके पास भी ट्रैक्टर है ।
अब तो लगता है की जिसने सीमा पर खड़े होकर कहा था की मैं यहाँ खड़ा हूँ मेरे सामने ही जवाब दो । जब वो खेत का मालिक बनेगा तभी उस जमीन के टुकड़े की समस्या ख़त्म होगी । समझ गए न । जय हिन्द ।
नागपुर के एक संसथान ने अपने सभी विद्यालयो , शिक्षको और विद्यार्थियों को निर्देश जरी किया है की कोई अपना दिमाग इस्तेमाल न करे । बल्कि जो यहाँ से तय किया गया है पढ़ने को वही पढ़े । वो कुछ इस प्रकार है ;; क से मद ;; ख से मद ;; य से मद ;; ता से मद ;; व से मद ,, ज्ञ से भी मद;; और अगर अंग्रेजी पढ़ते हो तो भी ये फॉर मद ,सी फॉर मद ;;;वाई फॉर मद ;; से लेकर जेड फॉर मद । खबरदार जो किसी ने गलत पढ़ने की कोशिश किया तो । हाँ नहीं तो इसे कहते है असली भारतीय पढ़ाई ।
अच्छा दोस्तों अगर मैं अलगी २६ जनवरी को बाघा बोर्डर पर जाकर जोर जोर से भाषण दूँ और देश के प्रधानमंत्री जी को कोसूं और खूब चीखुं और गाली दूँ तो क्या मेरे भी देश  प्रधानमत्री बन जाने के कोई चांस बनते है । अगर हाँ तो मैं अभी से तयारी करूँ । पर पेड लाइव न्यूज़ मुझे कैसे मिलेगी ? क्या है कोई भविष्य में फायदा उठाने का इच्छुक पूंजीपती जो मुझे स्पोंसर कर दे  । जय हिन्द ।

शनिवार, 17 अगस्त 2013

देश का प्रधानमंत्री अब वादविवाद प्रतियोगिता से तय होगा शायद ? क्या इस प्रतियोगिता में कोई नियम है की कुछ निश्चित लोग ही भाग लेंगे या कोई भी भाग ले सकता है ? मैं हमेशा वादविवाद प्रतियोगिता में प्रथम आता रहा चाहे किसी स्तर की रही हो ,इसलिए पूछ रहा था । कोई नागपुर या अहमदाबाद से पूछ कर मुझे भी बता दें प्लीस ।

गुरुवार, 15 अगस्त 2013

आज का युग पूँजी की दौड़ का युग है पर दूकानदार भी कभी कभी दुकान पर ताला दाल कर छुट्टी रख ही लेते है ।
आज मैं अपने मीडिया के दोस्तों से बहुत दुखी हुआ हूँ । ये दिन देश मनाता है और लालकिला हो ,रास्त्रपति भवन हो या इंडिया गेट देश बोलता है देश सुनता है देश देखता है और दुनिया भी देखती है । न कोई व्यक्ति होता है और न कोई दल । नेता विरोधी दल और विरोध के सभी नेता भी इसमे शामिल होते रहे है ,सचमुच के बहुत बड़े बड़े नेता । इस देश में जयप्रकाश नारायण ,डॉ लोहिया ,आचार्य नरेन्द्र देव , अच्युत पटवर्धन ,चौ चरण सिंह , चंद्रशेखर ,अटलबिहारी वाजपेयी ,ज्योतिर्मय  बसु ,भूपेश गुप्त ,श्यामनंदन मिश्रा,सोमनाथ चटर्जी ,लालकृष्ण अडवाणी सरीखे विपक्ष के नेता हुए,आज सुषमा स्वराज है , तो तीस साल मुख्यमंत्री रहने वाले ज्योति बासु ,देश में अति लोकप्रिय हुए रामकृष्ण हेगड़े जैसे लोग भी हुए ,मजबूती में मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरो और मुलायम  सिंह यादव भी हुए ,लम्बे समय तक प्रकाश सिंह बदल है तो नवीन पटनायक भी है पांच बार के मुख्यमंत्री त्रिपुरा के सरकार जी भी है जिन्होंने आदर्श स्थापित किया है , बिहार को बदलने वाले नितीश कुमार है तो देश के नौजवान मुख्यमंत्री जिन्होंने क्रन्तिकारी फैसले लिए अखिलेश यादव भी है  ,,पर कभी ऐसा नहीं हुआ ,कही ऐसा नहीं हुआ । जो आज हुआ है आज मैं बहुत दुखी हूँ । हो सकता है संसथान की व्यापारिक मजबूरियां हो पर ३६५ दिन में से क्या केवल दो दिन वो उपेक्षित नहीं की जा सकती है ?
हो सकता है की मेरा अज्ञान हो क्योकि मीडिया में बैठे लोग इश्वर के बाद सबसे ज्यादा ज्ञानी होते है । पर लोकतंत्र में अपना दुःख प्रकट करने का अधिकार शायद खोया नहीं है ।
आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामना । महत्मा गांधी जिंदाबाद ,हिंदुस्तान जिंदाबाद । जय हिन्द ।
अपनी इस कविता की बाकी पंक्तियाँ फिर कभी ,, आज के दिन वो सब लिखना ठीक नहीं है । ये देश मेरा है किसी की खैरात नहीं है ,, इस देश की आजादी हमारे पुरुखो के खून से नही हुयी है ,उस वक्त अंग्रेजो का साथ देने वाले , स्वतंत्रता सेनानियों की मुखबिरी करने वालो और गद्दारी करने वालो की दें नहीं है । इसलिए उस प्रशिक्षण से निकले लोग क्या समझेंगे आज के दिन की कीमत । आलोचना हो पर मर्यादा के साथ । विरोध लोकतंत्र का आधार है पर दो दिनों को तो छोड़ दें ३६३ दिन तो हैं उसके लिए । पर कुछ लोग बहुत जल्दी में है और उन्होंने शायद लम्बे समय से जहाज से नीचे पैर नहीं रखा इसलिए उन्होंने सडको पर लिखा सन्देश नहीं पढ़ा की दुर्घटना से देर भली ।
स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकानाए । हम महान देश के वासी है और  जनसँख्या के बाद भी और इतने भ्रस्ताचार के बाद भी हम दुनिया की  ताकत है । इतनी अनेकता के बाद भी ,इतने षड्यन्त्रो के बाद भी और कुछ ताकतों के इतनी नफ़रत बांटने के बाद भी हम एक है , हाँ हम केवल हिंदुस्तान हैं । हमें कोई गिरा नहीं सकता ,हमें कोई मिटा नहीं सकता और हमें कोई तोड़ नहीं सकता । महात्मा गाँधी की अहिंसा और सुभाषचंद्र बोस का नारा जय हिन्द हमारी ताकत है । जय हिन्द ।

मंगलवार, 13 अगस्त 2013

आज आर बी एस कालेज जहा मेरा बचपन से काफी जीवन बीता और दयालबाग डीम्ड विश्वविद्यालय में क्रमशः १२३७ और करीब ९०० लैपटॉप बांटे गए । बांटना भी अच्छा लगा और बच्चो के चेहरे पर झलकती ख़ुशी भी बहुत अच्छी लगी । बहुत दिनों बाद शिक्षा के माहौल में जाना बहुत अच्छा लगा । कही बच्चो में मन में ये भाव था की जो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का वादा असम्भव लगता था वो सचमुच किया है अखिलेश यादव ने ।
पर पता नहीं ये भाव केवल आज का था या भविष्य में भी बना रहेगा और अखिलेश यादव से इन बच्चो की ये उम्मीद बनी रहेगी की वे और मजबूत हो, नेता और मजबूत हो तो बहुत कुछ होगा सभी के लिए । जो भी कहा जायेगा वो तो किया ही जायेगा और जो नहीं कहा जायेगा वो भी जनहित में किया जायेगा । उम्मीद पर दुनिया कायम है । जय हिन्द ।
 सिंगापूर की एक घटना है । भारत में जब इंदिरा गाँधी जी की हत्या हो गयी तो वहां के भारतीय लोगो ने उस घटना के खिलाफ जुलुस निकला और सिख विरोधी नारे लगाये । वह के प्रधानमंत्री ने तत्काल भारतीय समाज के प्रमुख लोगो को बुलाया और कहा की यदि आप लोग भारत की राजनीती यहाँ करना चाहते है तो तय कर लीजिये की या तो यहाँ के नागरिक बन कर रहिये और ये मामले यहाँ की सरकार पर छोडिये या फिर सभी लोग अपना सामान बांध ले और मैं भारत वापस जाने का इंतजाम कर देता हूँ । उसके बाद आज तक फिर कोई ऐसी घटना नहीं घटी ।इसलिए वो सिंगापूर है । जहा कोई उत्पादन नहीं है ,केवल ४५ किलोमीटर लंबा है पर जब मैं वहां गया था तो वहां का डालर भारत के ६ छ रुपये के बराबर था और आज ३० रुपये से कही ज्यादा है । वहां के प्रधानमंत्री ने पहले अपने घर के आसपास घास और पेड़ लगाया जब उग गया तो देश को संबोधित किया की जब कभी आप मेरे घर के आस पास से निकले तो परिवर्तन देखियेगा और अगर मेरा किया आप को अच्छा लगे तो आप लोग भी वैसा करने का प्रयास करे अपने देश को हरा भरा बनाये । आज सिंगापूर में आप कई दिन घूम लीजिये और धुल का कोई कण आपके कपड़ो पर नहीं मिलेगा । ---- जब ऐसा कडा फैसला ,सन्देश और ऐसा सकारात्मक नेतृत्व होगा तबन तब ये सब भी ठीक होगा और बाकि सब भी ठीक हो जायेगा । जय हिन्द । सिंगापूर की एक घटना है । भारत में जब इंदिरा गाँधी जी की हत्या हो गयी तो वहां के भारतीय लोगो ने उस घटना के खिलाफ जुलुस निकला और सिख विरोधी नारे लगाये । वह के प्रधानमंत्री ने तत्काल भारतीय समाज के प्रमुख लोगो को बुलाया और कहा की यदि आप लोग भारत की राजनीती यहाँ करना चाहते है तो तय कर लीजिये की या तो यहाँ के नागरिक बन कर रहिये और ये मामले यहाँ की सरकार पर छोडिये या फिर सभी लोग अपना सामान बांध ले और मैं भारत वापस जाने का इंतजाम कर देता हूँ । उसके बाद आज तक फिर कोई ऐसी घटना नहीं घटी ।इसलिए वो सिंगापूर है । जहा कोई उत्पादन नहीं है ,केवल ४५ किलोमीटर लंबा है पर जब मैं वहां गया था तो वहां का डालर भारत के ६ छ रुपये के बराबर था और आज ३० रुपये से कही ज्यादा है । वहां के प्रधानमंत्री ने पहले अपने घर के आसपास घास और पेड़ लगाया जब उग गया तो देश को संबोधित किया की जब कभी आप मेरे घर के आस पास से निकले तो परिवर्तन देखियेगा और अगर मेरा किया आप को अच्छा लगे तो आप लोग भी वैसा करने का प्रयास करे अपने देश को हरा भरा बनाये । आज सिंगापूर में आप कई दिन घूम लीजिये और धुल का कोई कण आपके कपड़ो पर नहीं मिलेगा । ---- जब ऐसा कडा फैसला ,सन्देश और ऐसा सकारात्मक नेतृत्व होगा तब कोई भारत में भारत को गाली नहीं देगा  ,ये सब भी ठीक होगा और बाकि सब भी ठीक हो जायेगा । जय हिन्द ।

सोमवार, 12 अगस्त 2013

अच्छा दोस्तों इमानदारी से एक बात बताना की मैंने अपने लिखने में किसी का नाम नहीं लिया ज्यादातर ,फिर मुझे गरियाने वाले कैसे समझ लेते है की मैंने उन्ही के बारे में लिखा है या उनके संगठन के बारे में लिखा है । चोर की दाढ़ी में तिनका सुना था ,क्या उसका यही मतलब था ।
कही इसका मतलब ये तो नहीं की मैं सच लिख देता हूँ और जिनके बारे में लिखता हूँ वो तो जानते ही है सच । इसलिए तिलमिला कर मुझे गरियाने लगते है ।
रोज मेरा लिखा पढ़ कर भला बुरा कहने वाले आज बहुत खुश है , ऐसा क्या बदल गया आज ? मैं तो वही हूँ ।
राहुल गाँधी देश के सामने आये किसी मुद्दे पर तत्काल कुछ कहते क्यों नहीं है । समझ नहीं पाते की कहना है या उस चीज की जानकारी उन्हें देर दे लगती है ??? कहा रहते है ? अख़बार नहीं पढ़ते और टी वी नहीं देखते है ? कोई कांग्रेस में उनका वफादार नहीं है जो तुरंत जानकारी भी दे और ये भी लिख कर देदे की क्या बोलना है । दिल्ली में नौजवान विजय चौक पर पहुँच गए चुप , एना ने आन्दोलन खड़ा कर दिया चुप ,चीन घुस गया चुप ,पाकिस्तान ने हमारे जवान मार दिए चुप ,कल आप की पार्टी और सरकार को खूब गलिय पड़ी चुप  । आखिर आप की प्रथमिकता क्या है राहुल जी ? देश में क्या होगा जब आप तुरंत बोलेंगे और देश ये समझ सकेगा की आप भी कोई जागरूक व्यक्ति या नेता है देश के ??? देश सब कुछ बहुत गौर से देख रहा है और आकलन कर रहा है । इतिहास खुद नही बनता बल्कि लोग बनाते है जिनमे बनाने का दम होता है । कठपुतलियां कभी न तो समाज बदलती है और न इतिहास बनाती है । बाबु समझे न ,खिलाडी है कोई अनाडी है कोई । जय हिन्द ।
देश के लिए बड़ी खुशखबरी है - हमारे प्रधानमंत्री 15 अगस्त को मुह खोलेगे और शायद कुछ किसी का लिखा हुआ पढ़ कर बोलेंगे भी ।
पर आप ये नहीं कह सकते की वो मुह ही नहीं खोलते ।खोलते है खाने के लिए ।क्या खाने के लिए ये मुझे कैसे पता लगेगा ।आप को पता हो तो बताना ।

रविवार, 11 अगस्त 2013

आज हैदराबाद में मंच पर बंगारू लक्षमण [ याद है न जो कैमरे पर घूस लेते पकडे गए थे बीजेपी के अध्यक्ष के रूप  ] को सम्मान के साथ बैठा कर देश को क्या सन्देश दिया गया की परिवर्तन के रूप में फिर से बंगारू लक्ष्मण जी और हाँ आज एक स्वामी जी ने भी बीजेपी को योगदान दे दिया है अपना भरी भरकम संगठन का विलय करके । देश सब जनता है और सब देख रहा है । जय हिन्द ।
आप लोगो ने अमेरिका के रास्त्रपति का भाषण सुना है । वो कहता है एस वी कैन ,एस वी विल { yes we can ,yes we will ] }  नक़ल तो वही करता है जिसके अपने पास अपना खुद का कुछ नहीं होता । बात करते है --- देश बदलेंगे >>>>>>>>>> <<<<<<<<<
आज मैंने हिटलर के बारे में क्या लिखा की देखिये आज इ टी वी पर इस वक्त उसी पर कार्यक्रम चल रहा है । मेरी द्वारा शुरू की गयी बहस लगता है की हर जगह पहुँचाने लगी है । बहस से  कुछ तत्त्व  निकलेगा समुद्र मंथन की तरह ।
मेरी इच्छा आज कई लोगो को दूध पिलाने की है पर जो पास है उनके पास मैं बीमार होने के कारन नहीं जा पा रहा हूँ और जो दूर हैं वहां तो --- पर आज वो सभी शत्रुवत मित्र मेरी तरफ से अगर दूध पी लेंगे अपने आप ही तो बहुत अच्छा होगा । शायद उनका कुछ जहर कम हो जाये ।
किसी संघी या भाजपाई पर कुछ कहा नहीं की सैकड़ो तीर ,तलवार और बम लेकर आप पर टूट पड़ते है । बचाओ अपने को । इनका असली सिद्धांत ही हिटलर वादी है जिसमे किसी को इनके खिलाफ बोलने की आजादी नहीं है बल्कि विचार की स्वतंत्रता को छीन लेना चाहते है ये । गैस चैंबर में दाल कर मार देने का इरादा है उनका अपने सभी विरोधियो को ।
महत्मा गाँधी को मारा आज बेशर्मी से उनके नाम का सहारा लेकर अपना चेहरा छुपाते है , सरदार पटेल ने संघ पर पाबन्दी लगाया था और जेल में ठूस दिया था तो उन्हें खूब गलिय दिया था अब उनकी फोटो लियी घूम रहे है । दीनदयाल उपाध्याय ने थोडा अलग रास्ता लेने की कोशिश किया तो उन्हें प--- । बलराज मधोक ने थोडा मध्यमार्गी होने की कोशिश किया तो उनका हश्र --- अटलबिहारी वाजपेयी ने मध्यमार्गी रास्ता अपनाया तो उन्हें भी किनारे लगाने की कोशिश किया पर ब्राह्मण वोट और अन्य पार्टियों में केवल उनकी स्वीकार्यता के कारन स्वीकार करना पड़ा ।
तो हम ऐसे लोगो की औकात ही क्या है । कई स्थानों पर मैं इनका धमकिया सुन चूका हूँ । पर जब तक जीवन है मेरे विचारो की स्वतंत्रता नहीं छीन सकता है मिलावट ,जमाखोरी ,मुनाफाखोरी करने वालो का ये संगठन । जय हिन्द ।

गुरुवार, 8 अगस्त 2013

जब हाजी मस्तान का पैसा फिल्म में लगा तो उसने अपने कोई सही सिद्ध करने को पहली बार खलनायक को नायक बताने वाली फिल्म बनवाया । उसने ये सिद्ध करने की कोशिश किया की वो गुनाहगार नहीं है बल्कि और भी गुनाहगार है ।
उसके बाद से तमाम  डकैत और महा चोर दूसरो को चोर और डकैत सिद्ध करने में लगे है जिससे केवल उनको गुनाहगार लोग न  समझे । और सबसे ज्यादा उन्हें जो उन्हें निर्द्वन्द डकैती ,लूट और चोरी नहीं करने देते है ।
देखना दोस्तों किसी के बहकावे में मत आना अगर आप सच्चे हिन्दुस्तानी हो । हिंदुस्तानी केवल हिंदुस्तानी होता है और वो जाती और धर्म के आधार पर झगडा नहीं बल्कि शांति से जीना ,खुद भी तरक्की करना और देश को भी बहुत आगे ले जाना चाहता है ।
परन्तु देश में कुछ ऐसी ताकते है जिनकी आँखों में देश और समाज के लिए कोई सपने नहीं हैं ,कोई सार्थक सिधांत नहीं है और देश को सचमुच मजबूत बनाने का कोई संकल्प नहीं है ।
ये ताकतें केवल धर्म का खेल खेलती रहती है और जहा मौका लगता है जाती का भी और देश जो लाखो की क़ुरबानी से आजाद हुआ और बना उसे बर्बाद करना चाहती है । उनका एकमात्र इरादा है की किसी भी तरह सत्ता उनके हाथ आ जाये और फिर वो आत्मगौरव की बात कर हिटलर की तरह का राज स्थापित कर सकें । पर अप सब तो हिटलर के राज के बारे में भी जानते है और उसके परिणाम के बारे में भी ।
इसलिए सावधान रहकर ऐसी ताकतों पर निगाह भी रखना और उनके मंसूबो को नाकाम भी करना । ये लोग अब कभी भी देश को दंगे की आग में न झोंक सके ये जिम्मेदारी हमारी आपकी सबकी है । बस इस देश का एक ही नारा -- जय हिन्द ।

मंगलवार, 6 अगस्त 2013

एक नेता जिनके प्रदेश से उतराखंड की आपदा के लिए केवल २ करोड़ निकल पाए [ जबकि उनका कहना है की उनका प्रदेश देश में सबसे मजबूत है ] २ हजार करोड़ रुपये केवल अपने प्रचार पर [ नकली ] खर्च कर रहे है । मैं इनका नाम भी नहीं बताऊंगा ।
एक प्रदेश के एक नेता आजकल दूसरे धर्म के लोगो के नाम की फेक आई दी और वैसी ही पोशाक पहना कर अपना प्रचार करवा रहे है और अपना पाप धोने की कोशिश कर रहे है । मैं क्यों बताऊँ उनका नाम ।
आज फिर हमारे ५ सैनिक शहीद हो गए [ पाकिस्तानियों द्वारा बिना लदे धोखे से मार दिए गए ।] हमारी सरकार क्या कर रही है ? जवाब क्या हो ५०० नहीं तो फिर इस सरकार का क्या ?

रविवार, 4 अगस्त 2013

बड़ी ख़ुशी की बात है की देश से गरीबी, भूख ,अशिक्षा ,बेरोजगारी ,बीमारियाँ ,चीन से खतरा ,पाकिस्तान का आतंकवाद ,जो भी समस्यायें थी सब ख़त्म हो गयी है । और देश से तो सारी ख़त्म हो गयी है ।
अब जो भी समस्याएं बची है वो केवल उत्तर प्रदेश में है और उत्तर प्रदेश में केवल एक समस्या है की एक अच्छा पढ़ा लिखा नौजवान मुख्यमंत्री क्यों है ?
उससे भी जायदा समस्या ये है की इसके वादों को अविश्वसनीय मानते थे ,उसने वो सब इतने कम समय में पूरा क्यों कर दिया ? क्यों पढाई ,दवाई को  मुफ्त कर दिया ? क्यों किसान को पानी मुफ्त दे दिया और दे दिया ? किसान का खेत बिकने से क्यों बचा लिया ,उसे आत्महत्या करने से क्यों बचा लिया ,उसका ५० हजार का कर्ज क्यों माफ़ कर दिया ? नौजवानों को बेरोजगारी भत्ता क्यों दिया जो देश में कोई नहीं दे रहा है ? बहनों को कन्याधन क्यों दे रहा है जो कोई नहीं दे रहा है मुसलमानो के साथ हिन्दुओ को भी तीर्थयात्रा पर पैसा क्यों दे रहा है ? मुफ्त एम्बुलेंस क्यों चलवा रहा है ? नए बिजली के सब स्टेशन क्यों बनवा रहा है ? इतने कम समय में तीन मेडिकल कालेज क्यों बनवा दिया ? मेडिकल कालेज में छात्रो के सीटें क्यों बढ़ावा दिया ? कर्मचारियों को इतनी सुविधाएं क्यों दिया ? शिक्षको को सुविधाओ के साथ सम्मान क्यों दिया ?
१५ लाख छात्रो को लैपटॉप क्यों दे रहा है ? हर जिला मुख्यालय को चार लेंन की सड़को से क्यों जोड़ रहा है ? तमाम अस्पताल और स्कूल क्यों बनवा रहा है ? एक्सप्रेस वे क्यों बनवा है ? सबको सम्मान क्यों दे रहा है ? बिजली का उत्पादन बढाने का इंतजाम क्यों कर रहा है ? नौकरियों की बाढ़ लाकर नौजवानों को रोजगार क्यों दे रहा है ?
पहले की सरकार की तरह दिन रात वसूली क्यों नहीं कर रहा है ,सबको पिटवा क्यों नहीं रहा है ? सबको अपमानित क्यों नहीं कर रहा है ? बेशकीमती जमीनों को कब्ज़ा क्यों नहीं कर रहा है ? पत्थरो का खेल क्यों नहीं खेल रहा है ? अपनी मूर्तियाँ क्यों नहीं लगवा रहा है ?
विकास के स्थान पर नफरत का खेल क्यों नहीं खेल रहा है ? प्रायोजित दंगे क्यों नहीं करवा रहा है ? धर्म और जाती के नाम पर नफ़रत क्यों नहीं फैला रहा है ? जाती और धर्म के नाम पर ढेरो मुकदमे क्यों नहीं लिखवा रहा है ?
राजधानी में चिकत्सा अधीक्षकों की हत्या क्यों नहीं करवा है ? विधायको से बलात्कार क्यों नहीं करवा रहा है ? किसी अभियंता को मरवा क्यों नहीं रहा है ?
क्या क्या बताऊँ की कितनी समस्याएं है और वो भी केवल उत्तर प्रदेश में । हाँ एक ख़ुशी की बात है की उत्तर प्रदेश की इमानदार व्यस्था और जिम्मेदार व्यवस्था के साथ और इस व्यवस्था में बैठे किसी के साथ पूरा हिदुस्तान खड़ा हो गया है । कभी उत्तर प्रदेश भारत को दिशा दिखता था ,नेतृत्व करता था ,किसी बहाने सही पूरा भारत उत्तर प्रदेश की व्यवस्था के एक छोटे से तुकडे तक के पीछे खड़ा हो गया है ,यहाँ तक की हिंदुस्तान की सबसे ताकतवर नेता भी उत्तर प्रदेश की एक कलम के पीछे कड़ी हो गयी है ।
हो गया न तय की देश में अब कोई समस्या नहीं है और जो है वो केवल उत्तर प्रदेश में है । जय हिन्द, जय समाजवाद ।

शुक्रवार, 5 जुलाई 2013

मोदियापा

खूब मोदियापा हो रहा है रास्ट्रवादी पार्टी में । भाजपा नेता राघव जी अपने नौकर से करते थे दुराचार, सीडी सामने आने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया । ज्ञान, शील वाली पार्टी का एक और कारनामा ,पहले कर्नाटक का विधान सभा का दृश्य तो यद् ही होगा दोस्तों ,वही धार्मिक वीडियो देखने वाला मोबाइल पर और संघ के महत्वपूर्ण प्रचारक और स्तम्भ और बीजेपी के रास्ट्रीय महासचिव की सी डी भी यद् होगी उसी पर उन्हें पद छोड़ना पड़ा था ।
मेरा केवल इतना कहना है की दूसरो पर राशन पानी लेकर टूट पड़ने वाले रास्त्रवादियो तुम्हारी चलनी में सैकड़ो छेद हैं ,पहले अपने छेड़ बंद करो । फिर अफवाह का हथियार हो या दंगे का या नफरत का जो खाली जमाखोरी ,मिलावटखोरी और मुनाफाखोरी के पैसे से चलती है सैनिको के ताबूत के पैसे से चलती है और अभी छोड़ देता हूँ ।
हाँ तो एक और रास्ट्रवादी योन शोषण के आरोप में शहीद हुए ।  जय हिन्द ।